






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 दिसम्बर 2020। श्रीडूंगरगढ नगरपालिका की कार्रवाई का शहर में चौतरफा विरोध हो रहा है और ऐसे में पालिका अब अपने बचाव में यह भूमि श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर के लिए प्रस्तावित होना कह रही है। नागरिकों द्वारा पालिका का ये नया पैंतरा केवल बचाव का उपाय ही बताया जा रहा है। बता देवें पालिका ने गुर्जर समाज के देवनारायण मंदिर पर कार्रवाई की और पुनः बैक फुट पर आना पड़ा था। क्योंकि उस मुद्दे पर सचिन पायलट सरीखे नेताओं सहित गुर्जर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी टाइम्स की खबर पर एक्शन मोड में आ गए थे। आज सारस्वत समाज के भवन के लिए प्रस्तावित भूमि पर की गई कार्रवाई से सारस्वत समाज आहत है और सारस्वत समाज अब आंदोलन की दिशा में बढ़ रहा है। इस भूमि को ट्रोमा सेंटर के लिए बता कर पालिका मात्र अपने बचाव का जुगाड़ ही कर रही है। बता देवें कि ट्रोमा सेंटर के लिए इस भूमि का प्रस्ताव पालिका की किसी बैठक में नहीं लिया गया है। पार्षद बता रहें है कि पालिका की किसी कार्रवाई में इसकी चर्चा तक नहीं की गई है। ट्रोमा सेंटर के लिए कस्बे में दो समुदायों के बीच विवादित भूमि को चिन्हित किया गया था जिस पर कार्य करवाने के लिए दानदाताओं व समाजसेवियों द्वारा कई कमरों की स्वीकृति भी दे दी गई थी। संभवत प्रशासन यहां किसी बीमारी का मर्ज नहीं वरन और नई बिमारी खड़ी करने का कार्य कर रहा है। प्रशासन किसी सुलझाव की जगह और अधिक उलझाव पैदा करने में जुटा है।



