May 20, 2026
24-8-2020-1

श्रीडूंगरगढ टाइम्स 24 अगस्त 2020। क्षेत्रीय विधायक गिरधारी महिया ने आज विधानसभा में अपने आक्रामक अंदाज में कोरोना की आड़ में गरीबों के चालान काटने व आमजन की आवाज को दबाने का आरोप राज्य व केन्द्र सरकार पर लगाया। महिया ने कहा कि कोरोना एडवाइजरी की पालना हेतु लागू प्रावधानों पर पुनः विचार करने की जरूरत है। बता देवें नगरपालिका श्रीडूंगरगढ द्वारा काटें जा रहें चालानों का आमजन लगातार विरोध कर रही है और इसी आवाज को आज महिया ने विधानसभा में बुलंद किया। महिया ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कोरोना एडवाइजरी की पालना के लिए बनाए गए कानून केवल आमजन पर थोपे जा रहे हैं और आम गरीब आदमी के चालान काटे जा रहे है। साथ ही राजनैतिक पार्टियों व आमजन को अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन के कार्यक्रम करने से रोककर आमजन की आवाज दबाई जा रही है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा कोरोना एडवाइजरी की पालना के लिए बनाए गए नियमों, सजा एवं जुर्मानों के प्रावधानों पर पुन: विचार करने की जरूरत है। विधायक महिया ने कहा कि कोरोना बीमारी के आने के बाद सरकारी व निजी अस्पतालों में अन्य बीमारियों के इलाज की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। सरकारें कोरोनावायरस के साथ-साथ अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भी प्रभावी व्यवस्था बनाने की और ध्यान देवें। विधायक महिया ने कहा कि क्वारेंटाइन सेंट्ररों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण कोरोना पॉजीटिव मरीज क्वारेंटाइन सेंटरों पर जाने से कतरा रहे हैं। क्वारेंटाइन सेंटरों की सुविधाओं को लेकर कागजों में केवल खानापूर्ति की जा रही है। सरकारों को मेडिकल सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर देना होगा। महिया ने नापासर पुलिस थाने में किसान प्रतिनिधियों के साथ हुए अभद्र व्यवहार व मारपीट के मामले को भी उठाते हुए विधायक महिया ने कहा कि भारतमाला परियोजना में पुलिस लठैत बनकर किसानों को मार रही है। किसानों के हक की आवाज को लाठियों के बूते पर दबाया जा रहा है। साथ ही राजकार्य में बाधा व कोरोना के नियमों की पालना नहीं करने के झूठे मुकदमे भी दायर किए जा रहे हैं। उन्होंने नापासर थाने में किसान प्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले नापासर पुलिस थानाधिकारी संदीप पूनियां व हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर समस्त थाना स्टाफ को बदलने की मांग की।
छह माह के बिजली बिल माफ हों- विधायक गिरधारी लाल महिया
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। महिया ने कहा कि कोरोना जैसी गंभीर महामारी में प्रदेश के किसान व आमजन को कोई विशेष छूट नहीं मिलने के कारण समस्या का सामना करना पड़ा है और इनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इसलिए किसानों व आम उपभोक्ताओं के 6 माह के बिजली बिल माफ होने चाहिए। इसके अलावा बकाया के नाम पर काटे जा रहे कनेक्शनों की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा विधायक ने राजस्थान माल और सेवा कर(द्वितीय) संशोधन विधेयक 2020, राजस्थान विधानसभा अधिकारियों एवं सदस्यों की उपलब्धियां संशोधन विधेयक 2020, कृषि मंडी संशोधन अध्यादेश 2020, राजस्थान स्टांप संशोधन विधेयक, भिखारियों व निर्धन व्यक्तियों के पुनर्वास के विधेयक, राजस्थान कृषि जतों पर अधिकतम सीमा अधिरोपण संशोधन विधेयक 2020 पर भी बोलते हुए सुधारात्मक पहलुओं से भी सदन को अवगत करवाया।