






श्रीडूंगरगढ टाइम्स 20 सितबंर 2020। अशोक गहलोत का मृत्युभोज बंद करने का निर्णय क्षेत्र के गांव रिड़ी के प्रगतिशील परिवार आगे बढ़ कर स्वीकार कर रहें है। रिड़ी गांव में आज नैण व सहू जाति के 50 परिवार जिनका उठना बैठना एक साथ है के जिम्मेदारों ने आज समाज की कई कुरीतियों को एक साथ छोड़ने का फैसला लिया है। नैण व सहू परिवारों के सभी बड़े बुजुर्ग एक साथ बैठे व विचार विमर्श के बाद परिवार का संविधान लिखा व उस पर आम सहमति बनाते हुए एक राय से हस्ताक्षर किए। अपने परिवार के नवनिर्मित संविधान में आज उन्होंने 6 नियम बनाएं जिनसे इन परिवारों की बहन-बेटियां व भुआऐं भी अचंभित रह गई। वे छह नियम है कि 1- मृत्युभोज पूर्णतया बंद किया गया। 2- मृत्यु पर 12 दिनों में मिलने आने वाले सभी मेहमानों को सादा भोजन करवाया जाएगा। 3- ओढ़ावणी लेना व देना पूर्णतया बंद किया गया। 4- 12 दिनों में मिलने आने वाली सगियों को वस्त्र आदि भेंट नहीं किए जाएगें। 5- विवाह में बहन-बेटी-भुआ द्वारा दिए जाने वाले सोने चाँदी के तोहफे व बर्तन बंटवाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा व 6- इन परिवारों में होने वाले विवाहों के दौरान डीजे साऊंड का उपयोग नहीं किया जाएगा और 7 विवाह में रिश्तेदारों द्वारा रूपयों की मालाऐं लाने पर प्रतिबंध लगाया गया। ये सभी निर्णय इन परिवारों के मुखिया रामचन्द्र नैण, रेवन्तमल नैण, गोपालराम सहू, मोहनराम सहू, रेखाराम नैण पूर्णमल नैण, मामराज नैण, मघाराम नैण,राम निवास नैण छतुराम नैण , मघाराम नैण,बाबुलाल नैण, भंवरलाल नैण, लक्ष्मण राम नैण हिरालाल नैण, रामरतन नैण, श्रवण नैण, गोपालराम सहू, मोहनराम सहू, सुखराम सहू, हरिराम सहू, रामकरण सहू ने बैठ कर सर्वसम्मति से लिए है।




