






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 नवम्बर 2021। गांव कोटासर में गुरुवार को गौशाला का उद्घाटन संतो ने किया है। यहां तारातरा मठ महंत प्रताप पूरी जी महाराज ने कहा कि गाय को संस्कृति व धर्म का संवाहक बताया व आमजन से गाय व ग्वाल का सम्मान करने करने की बात कही। प्रताप पूरी ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया व नशे के स्थान पर अपना समय सेवा कार्य में देकर मनुष्य जीवन सार्थक करने की बात कही। महामंडलेश्वर विशोकानंद जी महाराज ने पंच गव्य का महत्व बताते हुए घर व गांव का पुण्य अर्जित करने के लिए गौसेवा से जुड़ने की बात कही। जम्भेश्वर पीठ के महंत रामाचार्य जी महाराज ने पर्यावरण का संरक्षण करने के साथ पर्यावरण शुद्धता में गौवंश का महत्व बताया। महंत सत्यानंद गिरी जी महाराज ने ग्रामीणों से गौसेवा में नित्य, साप्ताहिक, मासिक या वार्षिक योगदान सेवा या सहयोग देकर जुड़ने का आह्वान किया। संत श्रीश्री ने गौ चेतना पद यात्रा के अनुभव साझा करते हुए गाय को गृहस्थ धर्म की धुरी बताया। संतो ने श्री करणी गौसेवा समिति गौशाला की पट्टिका से पर्दा हटा कर उद्घाटन किया। समारोह में गौशाला के लिए भूमि दान देने वाले हंसावत राठौड़ परिवार कोटासर का अभिनन्दन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांवतसर के राजाराम धारणियां, कोलकाता प्रवासी भोजास के गोवर्धन सिंह राजपुरोहित, भामाशाह सत्यनारायण श्यामसुंदर सुथार, ओंकारमल मूंधड़ा, रामस्वरूप उपाध्याय, धूड़ाराम कांगला, भंवरलाल कांगला, पांचीलाल कांगला, धर्मचंद कांगला, पेमाराम गोदारा, पदमाराम सारण उपस्थित रहें। गौशाला में कमरे का निर्माण सहयोगी रहें बुधराज शर्मा, योगेश शर्मा, बबलू शर्मा सहित 22 गौ भक्तों द्वारा गुप्त दान से करवाया गया है। समिति अध्यक्ष प्रेमसिंह पड़िहार ने समिति सदस्यों की ओर से सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सत्संग के साथ समारोह में उत्साह पूर्वक भाग लिया व गौसेवा का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने अपने गांव में गौशाला उद्घाटन पर प्रसन्नता जताते हुए संतो का आभार जताया। युवा कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं में सेवा सहयोग दिया।
इन्होने किया दान, बनेगें गौवंश का सहारा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़ी संख्या में भामाशाहों ने गौशाला निर्माण में अपना सहयोग दिया है। सभी सहयोगियों के सम्मान भी कार्यक्रम में किया गया। गौशाला में टीन शेड का निर्माण धूड़ाराम करणीदान मनोज कुमार जोशी, महावीर प्रसाद महेश कुमार जोशी, पांचीलाल बजरंग लाल जोशी, धर्मचंद सुशील कुमार कपिल कुमार जोशी, गोरधन लक्ष्मी नारायण सुखदेव जोशी, माणकचंद छगनलाल जोशी, अशोक कुमार इंद्रचंद जोशी, लक्ष्मीनारायण महेंद्र कुमार जितेंद्र कुमार जोशी, मदन गोपाल मनीष कुमार विकास कुमार जोशी, रामेश्वलाल जगदीश प्रसाद गंगासागर धनराज अशोक जोशी, बजरंग लालचंद लीलाधर जोशी, मालचंद मुकेश कुमार जोशी ने राशि सहयोग देकर करवाया। इनके अतिरिक्त पदमाराम भूराराम सारण, मामराज जायत्री ट्रस्ट कोलकाता, नरसीराम दुलाराम नागल, माणकचंद महावीर प्रसाद मूंधड़ा, रूघलाल सुशील कुमार मूंधड़ा, श्रीराम मदनलाल सोनी, राजूराम भूराराम सुथार, ओमप्रकाश सीताराम सोनी, मास्टर देवीलाल जैसाराम छिरंग, तख्तसिंह दीनदयाल सिंह सांखला, गोपीराम रामकरण राम धारणियां, पतराम सदासुख धारणियां, उत्तमचंद पूनमचंद छाजेड़, गीता तक्वाअनी अग्रवाल, जसकरण भतमल मूंधड़ा, राजेन्द्रसिंह गोविंदसिंह सिंजगुरु, बाबा रामदेव, बाबा कोडमदेसर सहित गुप्तदान का सहयोग भी रहा। पेमाराम रामप्रताप रामदयाल गोदारा, सत्यनारायण श्यामसुंदर सुथार, भगवानाराम उपाध्याय, प्रेमसिंह पड़िहार, मालाराम उमाराम सारण, भंवरलाल हड़मानाराम धारणियां, रतनलाल भंवरलाल मूंधड़ा, झंझेऊ गौभक्तो का सहयोग, दौलतराम गरवा, रामदेव बोरवैल, हड़मानाराम हरिराम जाजड़ा, भंवरलाल जोशी, फौजी निहालचंद धारणियां, राधाकिशन लक्ष्मीनारायण मूंधड़ा, गंगाबिशन मोतीलाल मूंधड़ा, ओंकारमल शंकरलाल, नानूराम लाघुराम महिया, बजरंगलाल पूनमचंद महिया, रामप्रताप हीरालाल ओझा, हरिसिंह तकतासिंह ओझा, लक्ष्मण सिंह जीवराज सिंह भाटी, अमर शहीद निहालचंद की स्मृति में सहयोग, राजेन्द्र प्रसाद भंवरलाल जोशी, रेवतसिंह भाटी, रामरतन बगड़ावत राम धारणियां ने सहयोग दिया। गौशाला समिति सदस्यों ने सभी का आभार प्रकट किया तथा संतो ने उपस्थित सभी भामाशाहों का सम्मान किया।







