






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 जून 2025। नगरपालिका चुनाव की चर्चाएं व तैयारियां जुलाई के साथ शुरू होने की संभावना है। राज्य सरकार द्वारा नगरपालिका, नगर परिषद, नगर निगम के चुनाव इसी साल नवंबर-दिसंबर में करवाने की तैयारी की जा रही है। आगामी वर्ष के जनवरी, फरवरी में कार्यकाल पूरा करने वाली 91 नगर निकायों में बोर्ड भंग करवाए बिना चुनाव करवाने, और बोर्ड का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद नए बोर्ड के एक्टिव होने की व्यवस्था पर कार्य किया जा रहा है। जिससे इन स्थानों पर कानूनी व राजनीतिक विरोध की संभावना ना रहें। स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने नगर निकायों के चुनाव इसी वर्ष होनें की बात कही है। वार्ड पुनगर्ठन परिसीमन का काम भी जुलाई में पूरा होगा। अगस्त में निर्वाचन आयोग द्वारा अगस्त से मतदाता सूची का काम भी प्रारंभ किया जाएगा। इनमें नगरपालिका श्रीडूंगरगढ़, नोखा, देशनोक, रतनगढ़, छापर, बीदासर, राजलदेसर, सहित प्रदेश भर की नगरपालिकाएं शामिल है। वहीं नगर निगम अजमेर व भीलवाड़ा, नगर परिषद किशनगढ़, केकड़ी, नागौर, कुचामनसिटी, शाहपुरा, सुजानगढ़, सरदारशहर, फतेहपुर शेखावाटी, बूंदी, झालावाड़, सलूम्बर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर व सांचौर शामिल है।
श्रीडूंगरगढ़ में कांग्रेस परिपाटी बदलने की तैयारी में, माकपा भी जमीन की तलाश में, भाजपा में टिकिट के चक्कर प्रारंभ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शहर में पालिका में पिछले लंबे समय से लगातार भाजपा बोर्ड काबिज है और इस बार कांग्रेस माहौल बदलने की चर्चाओं को हवा दे रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पानी-बिजली एवं अन्य समस्याओं को लेकर आमजन के मनों में भाजपा के भ्रम टूटने की बात कहते हुए वार्डों में संपर्क प्रारंभ कर दिया है। कांग्रेस द्वारा अब चुनावों से पहले शहर अध्यक्ष की नियुक्ति व शहर अध्यक्ष द्वारा नई कार्यकारिणी के गठन में सभी वार्डों से सदस्यों को लिया जाना कांग्रेस की तैयारी का ही पार्ट कहा जा रहा है। दूसरी और माकपा भी शहर में ट्रोमा सहित लंबित कार्यों की फेहरिस्त के साथ संघर्ष को आगे बढ़ाने में जुटी है। माकपा नेताओं का दावा है कि अबकि बार माकपा भी शहर में अपना रूतबा कायम करेगी। वे चार से पांच पार्षद जिताने की बात भी कह रहें है। माकपा में युवावर्ग खासा सक्रिय है, ऐसे में माकपा के कार्यकर्ता धीरे धीरे ही सही पर क्षेत्र में अपना संख्या बल बढ़ाने में जुटे है। वहीं इन दोनों दलों के दावों की हवा निकाल कर अपना गढ़ बचाने के लिए भाजपा शहर के लिए पूरी तरह से निश्चिंत ही नजर आ रही है। भाजपा खेमे में जीत की नहीं बल्कि टिकटों के वितरण की चर्चाएं ज्यादा है। भाजपा परंपरागत रूप से जीत के प्रति आशस्वत है और इस वजह से चुनाव की आहट के साथ ही वार्डों में पार्षद की दौड़ में शामिल युवाओं ने पार्टी नेताओं के चक्कर काटने प्रारंभ कर दिए है। टिकिट के लिए प्रति वार्ड उम्मीदवार भी एक से अधिक ही सक्रिय नजर आ रहें है। टिकिट की दौड़ में कौन आगे निकल जाएगा ये तो वक्त ही बताएगा पर भाजपा में टिकिट की भागदौड़ व चर्चाओं को बल मिल रहा है।



