May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 जुलाई 2025। 6 अप्रैल 2011 की काली शाम क्षेत्र के एक गांव में एक 16 वर्षीय नाबालिग को उसके घर के बाहर से उठाकर ले जाने व तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस शर्मनाक मामले में आखिर पीड़िता को करीब 14 साल बाद मंगलवार को न्याय मिल ही गया है। दुष्कर्म के आरोप में तीन आरोपियों को एडीजे कोर्ट के न्यायाधीश सरिता नौशाद ने मंगलवार को 10-10 साल की सजा सुना दी है। अपर लोक अभियोजक सोहननाथ सिद्ध ने मामले में बहस को पूरा करते हुए पीड़िता के लिए न्याय की मांग की। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश सरिता नौशाद ने तीन आरोपी संतोष पुत्र पूर्णाराम, दाताराम पुत्र मनोहरलाल निवासी ठुकरियासर, झज्झर हरियाणा निवासी जवाहरसिंह पुत्र राजसिंह को सजा सुनाई है। उन्होंने तीनों अपराधियों को 10-10 साल की जेल व दस-दस हजार रूपए के अर्थदंड की सजा दी है। सिद्ध ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 6 अप्रैल 2011 की घटना के बाद 21 अप्रैल 2011 को मामला दर्ज हुआ। इस पर पुलिस ने जांच के दौरान 3 जून 2011 को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था व आरोपी 21मार्च 2012 से जमानत पर रिहा थे। आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में दोषसिद्ध हुआ और आज कोर्ट ने पीड़िता को न्याय दिया है। इस दौरान डॉ व पीड़िता के परिजनों सहित 14 जनों की गवाही हुई। सिद्ध ने बताया कि पीड़िता की ओर से वरिष्ठ एडवोकेट बाबूलाल दर्जी ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पीड़िता को 6 अप्रैल 2011 की शाम सात बजे उसके घर के बाहर से जबरदस्ती उठाकर सरदारशहर ले गए। युवती की इच्छा विरूद्ध उसके साथ बार बार दुष्कर्म किया। विदित रहें कोर्ट परिसर में न्यायाधीश सरिता नौशाद द्वारा न्याय में आमजन के विश्वास को बढ़ाने का काम किए जाने की चर्चा है। उनके कार्यभार ग्रहण करने के मामलों में सजा सुनाकर लोगों को त्वरित न्याय की उम्मीद को पूरा किया है।