






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 मई 2026। पशुपालन विभाग, बीकानेर के वरिष्ठ पशुधन प्रसार अधिकारी गोपाल सिंह नाथावत की 42 वर्षीय सरकारी सेवाओं के पूर्ण होने पर श्रीडूंगरगढ़ के गौशाला संचालकों ने उनका स्वागत सम्मान किया। क्षेत्र में अनेक स्थानों पर गौशालाओं के प्रतिनिधि, समिति सदस्यों व ग्रामीणों ने नाथावत का सम्मान करते हुए विदाई दी। नाथावत ने श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्रवासियों का आभार जताते हुए उनका सद व्यवहार सदैव स्मृति में रहने की बात कही।
सेरूणा के तेजा गार्डन में आयोजित सम्मान समारोह में अगरसिंह पड़िहार ने बताया कि नाथावत ने जिले की समस्त गौशालाओं के अनुदान से लेकर गौशालाओं के चहुंमुखी विकास के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है। यहां महेंद्रसिंह तंवर लखासर ने नाथावत की सेवाओं की सराहना करते हुए उनके समर्पण को प्रेरणीय बताया। कार्यक्रम में सेवा संगठन के प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू ने नाथावत की पशु कल्याण में दी गई सेवाओं को महत्वपूर्ण बताया। यहां समारोह में गोपाल गौशाला दुलचासर के अध्यक्ष सुंदरलाल मूंधड़ा, सचिव रेवंत सिंह पड़िहार, देवीलाल छरंग, वीर तेजा गौशाला सूडसर के प्रबंधक कोडाराम भादू, गोपाल गौशाला श्रीडूंगरगढ़ के कमल सोमानी, मां करणी गौशाला देराजसर के भंवरलाल भादू, श्रीकृष्णा गौशाला दुसारणा के पेमाराम गोदारा, रूघाराम मूंड, श्रीद्वारकाधीश गौशाला दुसारणा के प्रबंधक भंवरलाल गोदारा, श्रीकरणी गौशाला कोटासर के मूलाराम सारण, ओमसिंह भाटी, गुरु जंभेश्वर गौशाला सांवतसर के महीराम, संतोष कुमार, राजाराम, घनश्याम, मोहनराम, बाल योगी गौशाला बेनीसर के अध्यक्ष बीरबलराम द्वारा आयोजित इस समारोह में नाथावत का फुलमाला, शॉल व साफा पहना कर स्मृतिचिह्न दिया गया। झंझेऊ में सरपंच प्रतिनिधि भंवरसिंह तंवर, कल्याणसिंह तंवर, मां चिलाय गौशाला के जेठनाथ सहित गौशाला समिति सदस्यों व ग्रामीणों ने नाथावत का सम्मान किया। जोधासर गौशाला में गौशाला समिति, लखासर बाबा रामदेव गौशाला समिति एवं अन्य मौजिज ग्रामीणों की उपस्थिति में सम्मान किया गया। श्रीडूंगरगढ़ घूमचक्कर पर नागरिक विकास परिषद के अध्यक्ष तुलसीराम चोरड़िया सहित अनेक गौसेवकों ने सम्मान किया। गांव कितासर में गौशाला समिति के मघाराम सुथार, श्रवणसिंह भाटी, रूपाराम पूनियां सहित समिति सदस्य, कुंतासर के प्रभुराम चोटिया, मुन्नीराम व सदस्य, बिग्गाबास रामसरा के रुपाराम सुथार, कैलाश ओझा सहित ग्रामीणों ने नाथावत का सम्मान करते हुए उन्हें विदाई दी।




