May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 सितंबर 2021। श्रीडूंगरगढ़ में ऑक्सीजन प्लांट बीरबल की खिचड़ी बन गया है। 10 दिन में निर्माण का दावा, जिलाकलेक्टर द्वारा शीघ्र पूरा करने के निर्देश, सांसद द्वारा क्षेत्र को जल्दी ऑक्सीजन आपूर्ति की समस्या से मुक्त करने की घोषणा के आद आज तक ऑक्सीजन प्लांट शहर को नहीं मिल सका है। दावा वार्डों में बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के किए गए और हालात ये है कि अभी तक सिलेण्डर ही बीकानेर से भरवाए जा रहें है। कोरोना के दबे पांव बढ़ने के समाचारों के बीच क्षेत्र का बुद्धिजीवी वर्ग चितिंत है और इसके शीघ्र पूरा करवाएं जाने की चर्चा कर रहें है। क्षेत्र की जनता सवाल कर रही है और नेताओं के प्रयास नजर नहीं आ रहें है। बता देवें श्रीडूंगरगढ़ में ऑक्सीजन प्लांट के लिए कई घोषणाएं हुई जिसमें राज्य सरकार द्वारा सभी उपखंड मुख्यालयों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा, विधायक गिरधारीलाल महिया द्वारा विधायक फंड से श्रीडूंगरगढ़ में ऑक्सीजन प्लांट की घोषणा ओर सांसद अर्जुनराम मेघवाल द्वारा सीएसआर फंड से ऑक्सीजन प्लांट की घोषणा। इन घोषणाओं में से मूर्त रूप लेते नजर आई सांसद की घोषणा। जिसमे हुंडई कंपनी से प्लांट की मशीनरी तथा इनलैंड सोमाणी ग्रुप द्वारा इसे फिटिंग, स्थापित करवाने की पहल की गई। चिकित्सालय स्तर पर तुरन्त स्थान दे दिया गया तथा 16 जून बुधवार को राजकीय चिकित्सालय में मोहिनी देवी- चुन्नीलाल सोमानी ऑक्सीजन प्लांट का शिलान्यास सोमाणी परिवार द्वारा कर दिया गया। साथ ही ऑक्सीजन प्लांट का कार्य दस दिनों में पूरा करवाने की घोषणा भी की थी। 27 जून को ही मशीनें श्रीडूंगरगढ़ पहुंच गई व भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं ने जश्न मनाते हुए मशीनों का स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री व सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने दौरा किया और प्लांट के असेंबल करने का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए निर्देश दिए। उसके बाद जिला कलेक्टर ने अपने दौरे में भी इसे शीघ्र पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। परन्तु 10 दिनों में प्लांट शुरू होने का दावा आज तीन माह बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। क्षेत्र के नेता, प्रशासन शीघ्र सक्रिय होकर इस कार्य को पूरा करवाने की ओर ध्यान देवें अन्यथा देरी हुई तो जनता माफ नहीं करेगी।

ऑक्सीजन की कमी से गमी झेली है उपखंड ने।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गत अप्रैल व मई में कई परिवारों को कोरोना महामारी ने उजाड़ दिए। कई घर ऐसे भी नजर आएं जिनमें एक नहीं दो-दो या तीन मौतें भी देखी। क्षेत्र ने कोरोना की दूसरी लहर के कई घाव ऐसे देखें जिससे कई परिवार अभी तक सहज नहीं हो पाएं है। क्षेत्र के गांवो में सरकारी आंकड़े कुछ भी कहें परन्तु नागरिक व ग्रामीण जानते है कि अप्रैल और मई में श्मशान घाटों में एक माह में अब तक सर्वाधिक शवों का अंतिम संस्कार मई माह में किए थे। चिकित्सा विभाग द्वारा 18 मई को ऑक्सीजन की कमी के चलते जान बचाने के साधन के रूप में प्रोनिंग विधि की ट्रेनिंग जगह जगह दी गई थी। ऑक्सीजन के लिए श्रीडूंगरगढ़ की समाजसेवी संस्थाऐं दर दर भटकी और 7 मई को आपणो गांव सेवा समिति के युवा सभी संस्थाओं के ऑक्सीजन सिलेण्डर यूपी से भरवा कर लाए। पटावरी ट्रस्ट मोमासर, सारस्वत ट्रस्ट, सोमाणी परिवार ने ऑक्सीजन कंस्ट्रेक्टर अस्पतालों को दान दिए। परन्तु ये लेटलतीफी व बेपरवाही कहीं फिर से मुसीबत ना खड़ी कर देवें।
राजकीय चिकित्सालय प्रभारी डॉ. एस.के. बिहाणी ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट के लिए चिकित्सालय स्तर पर कोई सुविधा उपलब्ध करवाने में देरी नहीं की गई है, निर्माणकर्ता शीघ्र पूरा करवाने की बात कह रहें है।