May 20, 2026
23-jan

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जनवरी 2026।श्री गणेशाय नम:🚩शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 23-Jan-2026
☀ Sri Dungargarh, India

☀ आज का पंचांग
🔅 तिथि पंचमी 01:48 AM
🔅 नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद 02:33 PM
🔅 करण बव, बालव 02:12 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग परिघ 03:58 PM
🔅 वार शुक्रवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 07:25 AM
🔅 चन्द्रोदय 10:05 AM
🔅 चन्द्र राशि कुंभ 08:34 AM
🔅 चन्द्र वास पश्चिम 08:34 AM
🔅 सूर्यास्त 06:06 PM
🔅 चन्द्रास्त 10:30 PM
🔅 ऋतु शिशिर
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 10:41:06
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत माघ
🔅 मास पूर्णिमांत माघ
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 12:24 PM 01:07 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 09:33 AM 10:16 AM
🔅 कंटक 01:50 PM 02:32 PM
🔅 यमघण्ट 04:40 PM 05:23 PM
🔅 राहु काल 11:25 AM 12:45 PM
🔅 कुलिक 09:33 AM 10:16 AM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 03:15 PM 03:58 PM
🔅 यमगण्ड 03:26 PM 04:46 PM
🔅 गुलिक काल 08:45 AM 10:05 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅 चल 07:24 AM – 08:45 AM
🔅 लाभ 08:45 AM – 10:05 AM
🔅 अमृत 10:05 AM – 11:25 AM
🔅 काल 11:25 AM – 12:45 PM
🔅 शुभ 12:45 PM – 02:05 PM
🔅 रोग 02:05 PM – 03:26 PM
🔅 उद्वेग 03:26 PM – 04:46 PM
🔅 चल 04:46 PM – 06:06 PM
🔅 रोग 06:06 PM – 07:46 PM
🔅 काल 07:46 PM – 09:26 PM
🔅 लाभ 09:26 PM – 11:05 PM
🔅 उद्वेग 11:05 PM – 00:45 AM
🔅 शुभ 00:45 AM – 02:25 AM
🔅 अमृत 02:25 AM – 04:05 AM
🔅 चल 04:05 AM – 05:45 AM
🔅 रोग 05:45 AM – 07:24 AM

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 मकर चर
शुरू: 06:55 AM समाप्त: 08:39 AM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 08:39 AM समाप्त: 10:07 AM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:07 AM समाप्त: 11:32 AM

🔅 मेष चर
शुरू: 11:32 AM समाप्त: 01:08 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 01:08 PM समाप्त: 03:05 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:05 PM समाप्त: 05:20 PM

🔅 कर्क चर
शुरू: 05:20 PM समाप्त: 07:40 PM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 07:40 PM समाप्त: 09:57 PM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 09:57 PM समाप्त: 00:13 AM

🔅 तुला चर
शुरू: 00:13 AM समाप्त: 02:32 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 02:32 AM समाप्त: 04:51 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 04:51 AM समाप्त: 06:55 AM

🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺

दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।

शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।

🌼 आप सभी को बसंत पंचमी के महापर्व की हार्दिक शुभकामनायें !
आज बसंत पंचमी का महापर्व है । इस दिन ज्ञान की देवी माँ सरस्वती देवी की आराधना परम फलदाई मानी जाती है ।
शास्त्रों के अनुसार माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी के शुभ दिन में पत्तों पर जल छिड़कने से ही विद्या की अधिष्ठात्री देवी का अवतरण हुआ जिनके एक हाथ में वीणा, दूसरा हाथ में वर मुद्रा और अन्य दोनों हाथों में पुस्तक और माला थी एवं जिनका वाहन मयूर ( मोर) था ।
इस दिन सभी के साथ संयमपूर्वक शुभ और प्रेम वचन बोलने से ईश कृपा प्राप्त होती है।
माँ सरस्वती मनुष्य के शरीर में उसके कंठ और जिह्वा में निवास करती है जो वाणी और स्वाद का स्वरूप है | मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन बोले गए वाक्य शीघ्र सफल होते है। अतः इस दिन शुभ वचन ही बोलने चाहिए ।
आज के दिन मेवे युक्त पीले मीठे चावल, पीली मिठाइयों, फलो को भगवान को अर्पित करके इनका सेवन करना चाहिए
भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनुसार वसंत पंचमी को अति शुभ माना गया है, इस दिन को स्वयंसिद्ध मुहूर्त घोषित किया गया है। अर्थात इस दिन कोई भी काम बिना मुहूर्त देखे ही किया जा सकता है।
सभी पवित्र कार्य जैसे मुंडन, यज्ञोपवीत, सगाई, विवाह , तिलक, गृहप्रवेश आदि सभी मांगलिक कार्य इस दिन अति शुभ फलदायी माने गए हैं।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री