May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 जनवरी 2025। दहेज मुक्त विवाह के अनेक प्रसंग समाज में सामने आने लगे है परंतु दहेज के लिए अनेक परिवारों में आज भी विवाहिताओं को प्रताड़ित करने की घटनाएं भी आम है। गांव मोमासर निवासी नीमादेवी पुत्री लालचंद प्रजापत ने श्रीडूंगरगढ़ थाने में अपने पति सांवरमल, ससुर डूंगरराम पुत्र लिछमणराम प्रजापत, सास लिछमा देवी निवासी चारणवासी भादासर, सरदारशहर के खिलाफ आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। परिवादिया ने पुलिस को बताया कि 23 अप्रैल 2005 में उसका विवाह हुआ और तब उसके पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान दहेज दिया। परंतु पहले ही दिन से आरोपियों ने कम दहेज लाकर समाज में नाक कटवा देने की बात कहते हुए उलाहने देने शुरू कर दिया। आरोपियों ने उसे पिता से 3 लाख नगदी, एक मोटरसाइकिल व सोने के गहने लेकर आने की बात कही। इसी बात पर आरोपी उसके साथ मारपीट करते हुए उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। आरोपियों ने उसके पिता की दी एफडी की राशि भी हड़प ली। इस बीच परिवादिया ने एक पुत्र व तीन पुत्रियों को जन्म दिया। 11 दिसंबर 2024 को सुबह 9 बजे तीनों आरोपियों ने उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की, जिससे उसे कई चोंटे आई, उसके पति ने मुंह में मिट्टी ठूंस कर जान से मारने की नीयत से उसका गला दबाया। चारों बच्चों के चीखने चिल्लाने पर सबसे छोटी बालिका को पकड़ कर उसका भी गला दबाया। आरोपियों ने उसे तीन बेटियों के साथ घर से निकाल दिया तो वह मुश्किल से अपने पीहर पहुंची। 12 दिसंबर 2024 को करीब 10 बजे अनेक लोगों की मौजूदगी में उसके पीहर में आरोपी आए और बिना दहेज के घर नहीं बसाने की बात कही। उन्होंने उसका स्त्रीधन लौटाने से भी मना कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच एसआई धर्मपाल करेंगे।