






आज विधान सभा चुनावों की सर्वाधिक सीटों पर वोट पड़ेंगे। पंजाब की सभी 117 सीटों के साथ यूपी की 59 सीटों पर मतदाता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। दोनों राज्यों में मतदान के आधार अलग अलग है। पंजाब में कांग्रेस की तथा यूपी में भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, क्योंकि अभी यहां इन्ही दलों का शासन है।
पंजाब का चुनाव बड़ा रोचक है। पहली बार यहां आम आदमी पार्टी ने मजबूत दस्तक दी है। दिल्ली के बाद अरविंद केजरीवाल ने जिस दूसरे राज्य पर फोकस किया है, वो पंजाब है। पंजाब में अकालियों से साथ छूटने के बाद भाजपा की स्थिति ज्यादा खराब है। हालांकि कांग्रेस से आये कैप्टन अमरिंदर सिंह का उसे साथ मिला है, मगर उससे अधिक लाभ होता दिख नहीं रहा। अकाली दल – बसपा गठबंधन ने यहां जरूर अपनी स्थिति को सुधारा है और मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। चुनाव के आरम्भ से मतदान के दिन तक जहां अकाली गठबंधन और भाजपा गठबंधन ने अपनी हालत सुधारी है वहीं कांग्रेस और आप की स्थिति में थोड़ी गिरावट आई है।
कांग्रेस ने दलित समुदाय के चन्नी को सीएम फेस बनाकर बड़ा दांव खेला है क्योंकि इस वर्ग के मतदाता का यहां घनत्व ज्यादा है। मगर उनके लिए कांग्रेस के भीतर के नेता ही चुनोती खड़ी कर रहे हैं। चुनाव के समय सांसद मनीष तिवारी के उल्टे बोल और बात बात पर सिद्धू के बदलते तेवर चन्नी के लिए रास्ते में कांटे बिछाते रहे हैं। जिन्हें बुहारकर आगे बढ़ने की मेहनत चन्नी को करनी पड़ी है। यदि मतदान के समय ही कांग्रेस का आपसी मत और मन भेद दूर हो गया तो चन्नी सबको चकित कर देंगे। यहां राहुल और प्रियंका ने भी खासी मेहनत की है।
आप के लिए भी कुमार विश्वास ने परेशानी पैदा की मगर केजरीवाल उससे निकल आये। आप की स्थिति पिछले चुनाव से बेहतर होगी, ये तय है। भगवत मान का चेहरा आप को ज्यादा फायदा नहीं दे रहा तो नुकसान भी नहीं कर रहा। कुल मिलाकर पंजाब में चुनावी मुक़ाबला कांटे का है। यहां टक्कर नजदीकी रहेगी इसलिए जो वोट डलवा लेगा, वो आगे निकल जायेगा।
यूपी के तीसरे चरण की 59 सीटों पर भी आज ही मतदान है। यहां जातीय समीकरण ही हावी रहते दिख रहे हैं। ये बाहुबलियों और अमीर उम्मीदवारों का चरण है, इसलिए तनाव ज्यादा है। भाजपा के लिए यहां भी किसान आंदोलन, महंगाई, बेरोजगारी से समस्या आ रही है, वहीं सपा – रालोद गठबंधन पिछले दो चरणों की वोटिंग के बाद ज्यादा जोश में है। ये तीसरा चरण इस बात को स्पष्ट कर देगा कि यूपी में अगली सरकार किसकी बनेगी।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार



