






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 नवम्बर 2023। विधानसभा चुनाव- 2023 के लिए मतदान 25 नवम्बर को होना है एवं मतदान के लिए आज से 5 दिन शेष रहें है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा प्रतिदिन विशेष कवरेज “सत्ता का संग्राम” टाइम्स के सभी पाठकों के लिए चुनाव की काऊंडाउन के साथ लगातार प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रतिदिन शाम को एक अंदरखाने की खबर के साथ क्षेत्र की चुनावी चर्चा पाठकों के समक्ष रखी जा रही है। इसी क्रम में पढ़ें आज की विशेष टिप्पणी।
सीधे हमलों का उल्टा मतलब, प्रत्याशी हुए आमने-सामने।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ के विधानसभा चुनावों में अभी तक तो सभी पार्टियों के नेता अपने-अपने भाषणों में दूसरी पार्टियों की विचारधारा, केन्द्रीय व राज्य नेताओं, कार्यो के बारे में ही अपने-अपने निशाने साधते रहें। परंतु अब जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे ही अब वक्ताओं के हमले सीधे-सीधे एक दूसरे पर निजी हमले की ओर प्रचार बढ़ रहा है। रविवार को तो लगातार बढ़ती भीड़ से उत्साहित अपना छठां चुनाव लड़ रहे दिग्गज नेताजी ने किसान नेता सीधे-सीधे नाम लेकर आड़े हाथों लिया। कहने को तो यह केवल भाषण का हिस्सा था लेकिन समझने वाले इस सीधे हमले का बड़ा मतलब समझ रहे है। इसी तरह राष्ट्रीवादी पार्टी के सेनापति भी इसमें कूद पड़े है और किसान नेता भी सीधे हमलों का माहौल बनाते नजर आए है।
देर रात काले अंधेरे में हो उम्मीद की रोशनी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लगातार व्यस्त होती दुनिया में आजकल अनेकों ऐसे टोनिक आ गए है जो शारीरिक थकावट को दूर करने के लिए उर्जा देते है। लेकिन यह सत्य सबसे बड़ा है उर्जा का सबसे ज्यादा प्रभावशाली टोनिक चुनाव है। यहां प्रत्याशी अल सुबह से लेकर देर रात तक लगातार प्रचार में जुटे है। सुबह 9 बजे से रात को 11 बजे तक जहां प्रचार सभाओं का दौर चल रहा है। वहीं देर रात 11 बजे से सुबह 3-4 बजे तक के घोर अंधेरे में प्रत्याशियों को उम्मीद की रोशनी नजर आ रही है। मजे की बात यह है कि देर रात को काले अंधेरे में हो रही व्यक्तिगत बैठगों में इमोशनल कार्ड भी जम कर खेला जा रहा है। देखना होगा कि यह उम्मीद की किरणें प्रत्याशियों की नैया पार लगाती है या रात के अंधेरे में दिखने वाली यह किरणें मतदान की सुबह समाप्त तक असर रख पाएगी या नहीं।
देर रात तक प्रचार, आचार संहिता शिकायतों पर टिकी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में चुनाव की आचार संहिता के संबध में सभी पार्टियों में आपसी गठबंधन सा नजर आ रहा है। यहां आचार संहिता की पालना शिकायतों पर टिकी हुई है एवं कस्बे में देर रात 11-12 बजे तक लाउड स्पीकरों के साथ सभी नेता अपनी प्रचार सभाएं कर रहे है। अब आचार संहिता के नियमों में तो रात 10 बजे बाद प्रचार नहीं करना शामिल है। लेकिन शहर में शिकायत नहीं तो दिक्कत नहीं का सिस्टम चल रहा है और चुनाव अपनी गति से बिना रोक टोक मतदान दिवस की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों में चर्चा है आंतरिक गठबंधन की।



