May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 अप्रेल 2023। माँ बाप जिस जवान बेटे के विवाह के सपने सजा रहें थे वो बेटा खून के आंसू रूलाकर दुनिया को अलविदा कह गया। गत 3 अप्रेल की रात करीब 9.30 बजे गांव रीड़ी निवासी 24 वर्षीय युवक अर्जुनराम जैसलसर रोही में स्थित अपनी ढाणी लौट रहा था। कृषि मंडी के पास एक पिकअप की चपेट में आकर युवक घायल हो गया और बीकानेर पीबीएम में रविवार को उसके जीवन की डोर टूट गई। युवक सात भाई बहनों में सबसे बड़ा था और सूरत में रहकर अपनी जिम्मेदारी उठाते हुए पिता का कमाऊ कंधा बन गया था। मां विवाह के सपने बुन रही थी जो चकनाचूर हो गए और पिता लीछीराम मेघवाल गमगीन हो गया है। पूरे घर में मातम पसरा है और रिश्तेदार परिजनों को सांत्वना दे रहें है।

6 दिन संघर्ष, नहीं आया होश, हेलमेट होता तो बच जाते प्राण!
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोटरसाइकिल पर सवार अर्जुन को घायलावस्था में श्रीडूंगरगढ़ से बीकानेर रेफर कर दिया गया। पीबीएम में पिता, भाई, चाचा सहित सभी परिजन उसकी सेवा में खड़े रहें और घर पर माँ, बहनों ने सभी देवताओं को मना लिया कि अर्जुन को होश आ जाए। युवक के सड़क पर गिरने के दौरान उसके सिर में चोट आई जिससे वह बेहोश हो गया। 6 दिन पीबीएम में उसकी सांस तो चली पर होश नहीं आया। आखिर रविवार को बेहोशी में ही युवक मौत की नींद सो गया।
बुला रही थी मौत, चाचा ने दर्ज करवाया मुकदमा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। युवा अर्जुन सूरत रहकर काम धंधा कर रहा था और लंबे समय बाद दुर्घटना से पांच सात दिन पहले ही वह छुट्टी मनाने घर लौट कर आया था। ऐसे में नाते रिश्तेदार परिवार वालों को सांत्वना देते हुए यही कह रहें है कि शायद नियति को यही मंजूर था। लोग नम आंखो से कह रहें है कि सम्भवतः उसे मौत ने घर बुलाया था। वहीं मृतक युवक के चाचा गणपतराम पुत्र नानूराम मेघवाल ने पिकअप नंबर आरजे07 जीडी 7504 के चालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाते हुए गफलत व लापरवाही से चलाते हुए भतीजे अर्जुनराम को टक्कर मारने का आरोप लगाया है। मामले की जांच एएसआई पूर्णमल को सौंप दी गई है। शव का पोस्टमार्टम करवा रविवार को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

आपणो गांव सेवा समिति ने की अपील, श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स का आह्वान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सड़क दुर्घटनाओं में मौके पर पहुंच कर घायलों को अस्पताल पहुंचाने व उनके ईलाज में चिकित्साकर्मियों की मदद करने की जिम्मेदारी आपणों गांव सेवा समिति के युवाओं द्वारा बखूबी निभाई जाती है। समिति अध्यख मनोज डागा ने कहा कि समिति सेवादारों का अनुभव कहता है कि कस्बे से बाहर किसी भी सड़क पर निकलने से पहले दुपहिया वाहन चालक हेलमेट जरूर पहने। अधिकांश युवाओं की मौत का कारण सिर पर लगी चोट का होना ही है। यदि हेलमेट पहना जाए तो सड़क पर होने वाली मौतो में कमी आ सकती है। बता देवें श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स लगातार दुपहिया वाहन चालकों से ये अपील करता है कि हेलमेट का प्रयोग जरूर करें। क्योंकि आप सभी का जीवन अनमोल है और देश, समाज व परिवार के विकास में योगदान देने के लिए जीवन का सुरक्षित रहना आवश्यक है। ये युवा रक्त सड़क पर बहकर जान ना गवाएं इसके लिए सभी पाठक अपनी जान पहचान के सभी युवाओं से हेलमेट पहनने की बात कहें।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पीबीएम में 6 जीवन के लिए संघर्ष किया अर्जुन ने, नहीं आया होश, आखिर टूट गयी जीवन की डोर, घर मे पसर गया मातम।